Monday, 11 December 2017

Fwd: MARRIAGE BLESSINGS TO NIKETA & MAYANK


SHRIMAN Manmohanji  Garodia 
PL CHECK THE NAMES IN ATTACHMENTS ETC AND CONFIRM TO GET THE SAME PRINTED.
RAM KARAN GUPTA 9007687476
CC : FOR ATTENTION OF TWO FRIENDS.

May the marriage of

NIKETA-MAYANK

be Blessed with love, joy And companionship For all the years of their lives.

 108 TREES WILL BE PLANTED AND 1008 NATURAL FARMING BOOKLETS WILL BE GIVEN FOR BLESSED BLISSFUL LIFE IN TOGETHERNESS WITH OUR SACRED DIVINE PARADIGM.


       

v   

 

 

WISHING & BLESSING

ALL THE FULFILLMENTS OF LIFE, HEALTH, WEALTH, DEVOTION AND DELICACIES OF TOGEHERNESS IN FAMILY, SOCIETY AND HUMANITY.

MOST ENDEARING

RAM  KARAN  GUPTA  & FAMILY

9 MULLEN STREET, KOLKATA 700020 Mob:091 9681106669 ramkarangupta@gmail.com naturehuman.rkg@gmail.com

HUMANISM EXCELLENCE CARES

 ZERO BUDGET NATURAL FARMING,

Blessings of Mother Earth, Eternal Truths, Peace Profound and

Blissful Joys of unconditional love ever to every being and thing

-----11st DECEMBER 2017-----

 

सद्गृहस्थ कर्म: आज हमें सर्वत्र सर्वनाशी जलवायु संकटविषैले हवा, पानी, खाद्य वस्तुओं तथा सर्वत्र सर्वप्रकार प्रचंड भ्रष्टाचार से पृथ्वी जीवन को विमुक्त करना ही होगा. हमें सर्वकालीन पवित्र-उन्नत-प्रफुल्लित जीवन प्रदान हेतु असंख्य वृक्षारोपण,  जीरो बजट प्राकृतिक कृषिदेशी गौऊ एवं देशी बीज  सुरक्षाप्राण विद्या योग क्षिक्षासद्चरित्र शिक्षा तथापि सर्वोन्न्ती सहयोग प्रबंध कार्य प्रणाली अपनाना होगा 'जैसे राजा सुरथ एवं वैश्य समाधी' करते थे वैसे ही सेवा समर्पित राजनीति एवं सेवा केन्द्रित  उद्योग व्यवसाय अपनाते हुए पोंगा पंथी ठगी धार्मिक भुलावे से नितांत दूर हटकर योगवेदान्तिक विश्व एवं स्वस्वरुप की वास्तविकता  व आनुभविक सद्च्चिदानंद प्रभा जागृत करना ही होगा .  इसके साथ साथ परमावश्यक है हमारी सुख भोग लालसा को 10-15%  तथा आत्मज्ञान, काव्य, नृत्य, संगीत आदि कलाओं की समृद्ध शील संस्कार संस्कृति को ही जीवन में आनंदानुभूति और सच्चे सुख की प्राप्ति का 

85-90%  आधार मान कर इसे आचार व्यव्हार और कर्म में सदा सदा धारण किये रखना, इस प्रकार जीवन यापन की प्राथमिकताओं में परिवर्तन होने से  हम जो एक अंधी दोड़ में दुखित जीवन जी रहें हैं वह सदैव सदैव  उमंग उत्साहित साधना में क्रियाशील हो अवश्य अधिकाधिक सुखमय होगा.   हमारे युवकों में प्रत्येक को रोटीरोजी कर्म में प्रारंभसे ही पूरा आश्वस्त करना होगा  तथा उसके रोटीरोजी कर्म मूलतः तत्वतः पूर्ण रूप से सर्वत्र सदा सेवा केन्द्रित हों  ऐसी शिक्षा और प्रबन्ध पद्धति स्थापित करना होगा.  ऐसे ध्येय से सारी निर्माण व्यवस्था स्थापित करनी होगी जिसमें कोई भी गरीब अशिक्षित असवस्थ न रहेसबसे अधिक आवश्यक है हमें प्रत्येक को अपने अपने समय एवं आय का दशांश प्रकृति एवं समाज को दान करने के अटूट नियम को स्वतः स्फूर्त धारण एवं पालन  करना .इन संकल्प एवं प्रस्तावों में आपके सुझाव एवं दिशा निर्देश अपेक्षित हैं . जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी.करो मां धरती का कृषि वृक्ष श्रृंगार.   बचाओ जल वायु प्राण जीवन समस्त एक परिवार.

वृक्ष ही है श्रृष्टि में भगवान वासुदेव विष्णु प्रकट स्वरुपवृक्ष ही है अध्यात्मिक शिक्षक. मानवीय कर्म कला सौन्दर्य प्ररेक.प्राणी जीव जगत का पालन हार, आश्रयसर्व और देता हमें है शुद्ध प्राण वायु आरोग्य और सभी उपयोगी वस्तुएं.

जय माँ पृथ्वीजय माँ गंगे, जय गौमाता,    जय सद्चरित्र जीवन, जय सद्कर्म साधना,

ॐ सत्यं शिवम् सुन्दरम् ॐ शांति शुभम् मंगलम्

~~श्रीं~~श्रीं~~श्रीं~~श्रीं~~श्रीं~~श्रीं~~श्रीं~~श्रीं~



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